हरिद्वार में वर्ष 2025 की अंतिम लोक अदालत, 1500 मामलों का हुआ निस्तारण
हरिद्वार के जिला जज नरेंद्र दत्त ने बताया कि वर्ष 2025 की यह अंतिम लोक अदालत है, जिसका आयोजन सालसा के तत्वावधान में किया जा रहा है। लोक अदालत में बिजली विभाग से जुड़े प्रकरण, ट्रैफिक चालान, एनआई एक्ट की धारा 138 के कंपाउंडेबल अपराध, सिविल विवाद, हिंदू मैरिज एक्ट के अंतर्गत आपसी समझौते वाले मामले तथा म्यूचुअल डिवोर्स के प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है।
जिला जज ने सोशल मीडिया पर वायरल बिजली बिल माफी की खबर को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में केवल वही बिजली से जुड़े मामले लिए जा रहे हैं, जिनमें उपभोक्ता पहले ही असेसमेंट अमाउंट व कंपाउंडिंग फीस जमा कर चुके हैं।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरन जीत कौर ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 13 बेंच गठित की गई हैं। अब तक परिवार न्यायालय के 35 मामले, सेशन व सीजेएम कोर्ट में 1100 से अधिक प्रकरण निस्तारित हो चुके हैं। कुल 1500 मामलों का निपटारा किया जा चुका है और शेष मामलों के निस्तारण का प्रयास जारी है।