अलीगढ़ में बाइक शोरूम स्वामी अभिषेक गुप्ता हत्याकांड में फरार साजिश की मुख्य आरोपी 50 हजार की इनामी पूजा शकुन पांडेय को शुक्रवार देर शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूर्व महामंडलेश्वर की गिरफ्तारी राजस्थान के भरतपुर हाईवे स्थित लुधावई टोल के पास से हुई। गिरफ्तारी के समय वह जयपुर से आगरा के लिए बस में सफर कर रही थी। अलीगढ़ लाकर हुई पूछताछ में पूजा ने कोई जवाब देने से इन्कार कर दिया। साफ कहा कि वह कोर्ट में अधिवक्ता के जरिये बयान देगी। इसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।
26 सितंबर को हुई थी अभिषेक गुप्ता की हत्या
हाथरस के कचौरा कस्बा के अभिषेक गुप्ता की 26 सितंबर की देर शाम खेरेश्वर चौराहा पर हत्या की गई थी। इसी हत्याकांड में साजिश की आरोपी अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव उस समय महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय फरार चल रही थी। पूजा पर पहले जिला स्तर से 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। बाद में डीआईजी स्तर से इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी गई। वहीं अदालत से पूजा के खिलाफ पुलिस ने एनबीडब्ल्यू भी ले रखे थे। पूजा की तलाश में लगीं पांच टीमें लगातार उसका पीछा कर रही थीं। पुलिस को मिली सफलता

इसी क्रम में एक पखवाड़े से चल रही खोज में उसे गिरफ्तार करने में शुक्रवार को पुलिस को सफलता हाथ लगी है। लाल शूट में मुंह पर मास्क लगाए मिली पूजा
तलाश में जुटी पुलिस टीमों को शुक्रवार को उसके जयपुर से आगरा जाने की खबर मिली। टीम ने जानकारी जुटाई कि वह एसआर ट्रैवल्स की महरून रंग की बस में सवार होकर जयपुर से निकली है। इस सूचना पर दो टीमों को लगाया गया। बस में सवार थी पूजा
एक टीम बस के पीछे थी, जबकि दूसरी टीम भरतपुर के लुधावई टोल प्लाजा से पहले सेवर रेलवे ब्रिज के पास रुक गई। जहां देर शाम बस को रुकवा लिया गया। बस की चेकिंग में मुंह पर मास्क लगाए पूजा शकुन लाल रंग के शूट में मिल गई। इसके बाद टीम ने अधिकारियों को जानकारी दी।

पेशी के बाद पूजा को जेल भेजा
सुबह तक पूजा को अलीगढ़ लाया गया। जहां काफी देर तक पूछताछ के प्रयास हुए। मगर उसने अदालत में अधिवक्ता के जरिये बयान देने की बात कही। फिर दोपहर में मेडिकल परीक्षण व रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद पूजा को जेल भेज दिया गया। इस बीच मीडिया ने भी बातचीत के प्रयास किए।

मगर पूजा ने कोई जवाब नहीं दिया। सरेराह लोगों के फोन से करती थी कॉल
पुलिस जांच के अनुसार पूजा ने इस बीच अपना नंबर कभी नहीं चलाया। न उसे साथ लेकर गई। मगर पुलिस के अलीगढ़ व मुरादाबाद के जिन करीबियों के नंबरों का अध्ययन किया। उस जांच में यही आया कि पूजा ने हमेशा कभी कार चालक, कभी ऑटो चालक तो कभी होटल स्टाफ या किसी सरेराह चलते व्यक्ति का मोबाइल प्रयोग किया। कोई भी व्यक्ति महिला द्वारा परेशानी बताने पर मोबाइल प्रयोग करने दे देता था। बस इसी सहारे पुलिस आगे बढ़ी, जिससे सफलता मिल गई।
डासना-हरिद्वार के बजाय मुरादाबाद में मिली शरण

पुलिस ने जब पूजा का पीछा शुरू किया तो डासना व हरिद्वार से यही जवाब मिला कि यहां उसे शरण नहीं दी गई है। इसके बाद पुलिस के पास कोई ऐसा लिंक न था, जिससे उसका पीछा किया जा सके। मगर 7 अक्तूबर को अलीगढ़ अदालत की प्रक्रिया के बाद पुलिस को अलीगढ़ व मुरादाबाद के कुछ नंबरों का लिंक मिला। जब उनका अध्ययन किया तो पता चला कि उस दिन मुरादाबाद के कुछ अधिवक्ता अलीगढ़ अदालत पहुंचे थे।

बस उन नंबरों पर ध्यान देने का काम शुरू किया। तब पता चला कि वही अधिवक्ता पूजा को मुरादाबाद से लेकर प्रयागराज गए थे। उनके साथ वह वापस भी मुरादाबाद आई। उन्होंने ही पूजा को मुरादाबाद में किसी घर में ठहरवाया था।
वहीं, से पूजा को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली। इस बीच हरिद्वार से मुरादाबाद व मुरादाबाद से जयपुर व जयपुर से आगरा के सफर में उसने निजी बस का प्रयोग किया। अब जल्द चार्जशीट दायर की जाएगी

अभिषेक हत्याकांड में फरार 50 हजार की इनामी पूजा शकुन पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में अभिषेक के परिवार के आरोप, पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों, पूर्व में जेल भेजे गए अशोक पांडेय व दो शूटरों के बयानों आदि के आधार पर अब जल्द चार्जशीट दायर की जाएगी। न्यायालय में ट्रायल भी शुरू कराया जाएगा। -नीरज जादौन, एसएसपी

