उत्तराखंड में पूरे सम्मान के साथ विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को किया गया नमन।
पाकिस्तान युद्ध में मिली ऐतिहासिक जीत के 54 साल पूरे होने पर उत्तराखंड में विजय दिवस पूरे सम्मान, गौरव और भावनात्मक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जनपद हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। हरिद्वार डीएम मयूर दीक्षित ने भी आज विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया।
डीएम ने कलेक्ट्रेट भवन में विजय दिवस के अवसर पर आयोजित हुए समारोह में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया।
इस दौरान सीएम ने 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। डीएम ने कहा कि यह दिन भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा का प्रतीक है। 1971 के युद्ध में हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान देकर राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की, जिसे देश कभी नहीं भुला सकता।
वही जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सरिता पंवार ने कहा
कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जबकि प्रदेश के 74 सैनिकों को उनके शौर्य के लिए कई वीरता पदकों से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का लगभग हर परिवार किसी न किसी रूप में सेना से जुड़ा है।