Sant Premanand Health Update : the mid india के साथ हुई वार्ता में प्रेमानंद महाराज ने कहा था कि अब तो जीने की चाह नहीं, राधारानी जितना चलवाएं उनकी मर्जी। इसके बाद भक्त बेचैन हो गए थे। उनके दर्शन को आश्रम पर भीड़ जुट गई थी

संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए बंद होने के कारण लोग उनके दर्शन को लेकर परेशान थे। सबकी निगाहें सोशल मीडिया पर टिकी हुईं थीं कि महाराज की यात्रा कब चालू होगी। इसी बीच फर्जी और पुरानी वीडियो ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी। संत महाराज की तबीयत को लेकर कई वीडियो वायरल हुईं। उसके बाद उनके आश्रम पर लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया।
एकांतिक वार्तालाप में संत प्रेमानंद ने पिछले दिनों कहा कि उनकी तबीयत ठीक है। वह पदयात्रा नहीं कर रहे हैं, लेकिन लोगों से मिल रहे हैं। इस वीडियो से राहत मिली तो एल्विश यादव के साथ हुई वार्ता में महाराज ने कहा कि अब तो जीने की चाह नहीं, राधारानी जितना चलवाएं उनकी मर्जी। इस वीडियो के बाद फिर से उनके अनुयायियों में बेचैनी हो गई। आखिरकार आश्रम के बाहर आकर संत महाराज ने दर्शन दिए, तब जाकर लोगों को लगा कि महाराज ठीक हैं।
शुक्रवार को श्री राधे हित केलिकुंज आश्रम के बाद लोगों की भीड़ लग गई। लोग यह देखना चाहते थे कि महाराज की तबीयत कितनी खराब है। इस बात की जानकारी आश्रम के सेवादारों ने महाराज को दी तो महाराज अल सुबह आश्रम के बाहर आए और लोगों को आशीर्वाद दिया। महाराज के दर्शन पाकर लोगों को सुकुन मिला।
चंडीगढ़ से आए राहुल कुमार ने बताया कि वह रात 12 बजे आश्रम के बाहर पहुंच गए थे। उनके जैसे बहुत लोग यहां थे। जो कोई भी आ रहा था, वे बस उनसे पूछ रहे थे कि महाराज ठीक हैं, क्या बाहर आएंगे। अल सुबह आश्रम का फाटक खुला और महाराज बाहर आए तो उन्हें देखने के बाद ऐसा सुकून मिला कि मानो उन्हें जिंदगी की खुशी मिल गई है।
किडनी की समस्या से पीड़ित हैं महाराज
दरअसल संत प्रेमानंद महाराज काफी वर्षों से किडनी की समस्या से पीड़ित हैं। उनकी अब रोजाना ही डायलिसिस होती है। उनके आवास श्री कृष्ण शरणम में डायलिसिस की मशीनें ले रखी हैं। चूंकि उन्होंने वृंदावनवास लिया है, इसलिए वह इसे छोड़कर कहीं नहीं जाते। वह वृंदावन के अलावा सिर्फ लाडली जू के दर्शन को जाते हैं। कई बार एकांतिक वार्तालाप में कह भी चुके हैं कि वह ब्रज की रज को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। इसलिए पूरी चिकित्सीय सुविधा उनको आवास पर ही उपलब्ध कराई जा रही है। नेफ्रोलॉजिस्ट डाॅ. आशीष शर्मा की देखरेख में उनका इलाज चलता है। वह ऑनकॉल उन्हें देखने जाते हैं
